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Seminar at JCDMCOP
  • By Davinder Sidhu
  • July 9, 2024
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Seminar at JCDMCOP

जेसीडी फार्मेसी कॉलेज में कैप्स की परीक्षा पर हुआ सेमीनार।

सिरसा 08 जुलाई 2024: जेसीडी विद्यापीठ में स्थापित जेसीडीम फार्मेसी कॉलेज में कैप्स परीक्षा पर बी फॉर्मेसी के विद्यार्थियों के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया।

सर्वप्रथम फॉर्मेसी कॉलेज की प्राचार्या डॉ.अनुपमा सेतिया ने सभी अतिथिगण व विद्यार्थियों का स्वागत किया। डॉ. सेतिया ने बताया कि जेसीडीएम फार्मेसी कॉलेज के चार विद्यार्थियों ने कैप्स की परीक्षा पास कर अपने माता पिता के साथ साथ संस्थान का नाम रोशन किया है जिनकी ऑस्ट्रेलिया में फार्मासिस्ट के पद पर जल्द ही नियुक्ति होगी।

इस सेमिनार के मुख्यवक्ता आरिफ मोहम्मद, एक्रेडिटेड कंसल्टेंट फार्मासिस्ट, ऑस्ट्रेलिया ने विद्यार्थियों को कैप्स की परीक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए बताया यह परीक्षा फार्मास्युटिकल साइंसेज के ज्ञान और समझ का परीक्षण करती है। इसे पास करने से यह पुष्टि होती है कि आप ऑस्ट्रेलियाई सेटिंग में सुरक्षित और प्रभावी ढंग से अभ्यास करने के लिए पर्याप्त जानते हैं। वही अन्य वक्ता मिस्टर राकेश खान, ब्रांड मैनेजर, एलिट एक्सपर्टाइज ने भी विद्यार्थियों को अन्य जानकारियों से अवगत करवाया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जेसीडी विद्यापीठ के उपमहानिदेशक प्रोफेसर डॉ. जय प्रकाश ने अपने संबोधन में कैप्स परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई प्रेषित करते हुए कहा की फार्मासिस्ट बनना एक पुरस्कृत करियर है जो रोगियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करता है। फार्मासिस्ट केवल उत्पाद (दवा) में ही रुचि नहीं रखते हैं; वे रोगियों की ज़रूरतों और उनके परिणामों को बेहतर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करते हैं। डॉ. जय प्रकाश ने कहा कि हमारा उदेश्य विद्यार्थियों को हर सुविधा प्रदान कर जेसीडी विद्यापीठ को सफलता की ऊंचाईयों पर ले जाना है।

इस मौके पर जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक एवं अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक प्रो. डॉ. कुलदीप सिंह ढींडसा ने कहा विकसित देशों में स्वास्थ्य प्रणालियों में व्यक्तिगत और विशेषीकृत फार्मेसी सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता है, जैसे कि पुरानी बीमारी का प्रबंधन, घर पर दवा की समीक्षा, जेरिएट्रिक दवा प्रबंधन, डिप्रेस्क्राइबिंग, आदि। इसी तरह, विकासशील देशों को भी अधिक फार्मासिस्टों की आवश्यकता है जो रोगी देखभाल सेवाओं के प्रावधान सहित गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी सेवाएँ प्रदान कर सकें। डॉ. ढींडसा ने मुख्य वक्ता से समझौते का दस्तावेज ग्रहण करने की भी बात रखी। अंत में चयनित विद्यार्थियों को संस्थान के द्वारा सम्मानित किया गया एवं अतिथिगण को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस सेमिनार में फॉर्मेसी कॉलेज के सभी स्टाफ सदस्य, विद्यार्थी एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

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